56 लाख YouTube सब्सक्राइबर के बाद सोशल मीडिया स्टार का अंधेरा सच — अश्व बचावकर्ता YouTuber हुआ गांजा तस्करी में गिरफ्तार

रायपुर, छत्तीसगढ़:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर हासिल करने वाले यूट्यूबर व सर्प बचावकर्ता आकाश जाधव का करणीय जीवन अब विवादों में घिर गया है। पुलिस ने उसे गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिससे उसकी लोकप्रियता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

अखबारों और स्थानीय पुलिस के अनुसार, आकाश जाधव, जिनके YouTube पर 56 लाख से अधिक सब्सक्राइबर और Instagram पर लगभग 3 लाख फॉलोअर्स हैं, को गांजा सहित कई ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि वह सिर्फ एक सर्प बचावकर्ता या प्रकृति-प्रेमी कंटेंट क्रिएटर नहीं थे, बल्कि ड्रग नेटवर्क से जुड़े तस्करी के नेटवर्क का हिस्सा बने हुए थे।

जाधव की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी थी, विशेषकर उसके वन्यजीव संरक्षण और खतरे में पड़े सांपों को बचाने वाले वीडियो के कारण। ज़्यादातर दर्शकों ने उसे प्रकृति प्रेमी और वीडियो ब्लॉगिंग के क्षेत्र में उदाहरण माना। लेकिन मंगलवार को नार्कोटिक्स नियंत्रक ब्यूरो (NCB) ने छत्तीसगढ़ में चलाए गए विशेष ऑपरेशन के दौरान उसे गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार जाधव के घर और साथियों के पास से प्रचुर मात्रा में गांजा और ड्रग पैकेट बरामद हुए हैं, साथ ही उसके कुछ सिम कार्ड और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पूछताछ में यह संदेह जताया जा रहा है कि वह सोशल मीडिया फेम का इस्तेमाल किसी बड़े तस्करी नेटवर्क के लिए संचार और वितरण के साधन के रूप में कर रहा था।

एनसीबी अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले लंबे समय तक निगरानी की गई थी, और उन्होंने कहा:

हमने पाया कि आरोपी सोशल मीडिया पर अपनी पहचान का लाभ उठाकर अपराध को अंजाम देने के लिए विडियो व पोस्ट का इस्तेमाल कर रहा था

विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया फेम का दोषपूर्ण इस्तेमाल गंभीर अपराधों के लिए भी किया जा सकता है। पिछले कुछ वर्षों में कई युवा कंटेंट क्रिएटर अपने फॉलोअर्स व प्रशंसकों के भरोसे के प्रभाव में आकर अनैतिक या अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं।

साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि कंटेंट क्रिएटर्स को न सिर्फ रचनात्मकता के लिए, बल्कि नैतिकता और कानूनी सीमाओं का सम्मान करने की भी जरूरत है।

एनसीबी ने कहा है कि वह पूरे तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करेगी और आवश्यकतानुसार अधिक गिरफ्तारियाँ भी कर सकती है। साथ ही, सोशल मीडिया कंपनियों को भी आपत्तिजनक या अपराध से जुड़े कंटेंट पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

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