मेघालय की कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 18 मजदूरों की दर्दनाक मौत

शिलॉन्ग | 3 फरवरी 2026

मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में स्थित एक अवैध कोयला खदान में हुए ज़ोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 18 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह विस्फोट खदान के अंदर अचानक हुआ, जिससे सुरंग का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। धमाके के समय बड़ी संख्या में मजदूर खदान के भीतर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि खदान में गैस जमा होने के कारण यह विस्फोट हुआ, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी मुश्किलें

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। खदान के भीतर पानी और मलबा भर जाने के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संकरी सुरंगें और ऑक्सीजन की कमी रेस्क्यू टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक कई शवों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

अवैध खनन पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर मेघालय में चल रहे अवैध कोयला खनन (रैट-होल माइनिंग) की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस तरह के खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद राज्य के कई इलाकों में यह खतरनाक गतिविधि अब भी जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत के कारण मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं।

सरकार ने जताया शोक, मुआवज़े का ऐलान संभव

राज्य सरकार ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने की घोषणा जल्द की जा सकती है।

इलाके में मातम, परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल

हादसे के बाद से पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है। कई परिवार अपने कमाने वाले सदस्य को खो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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