मुजफ्फरनगर, 3 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से प्यार, धोखा और हत्या की एक दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है। यहां एक महिला ने अपने नए प्रेमी के साथ मिलकर अपने पुराने प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद पहचान छिपाने के इरादे से शव को कंबल में लपेटकर नाले में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी महिला और उसके दूसरे प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के सरवट फाटक के पास की है। रविवार को स्थानीय लोगों ने नाले में एक अज्ञात युवक का शव कंबल में लिपटा हुआ देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच के दौरान शव की पहचान पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरीनगर गांव निवासी संजीव उर्फ जीवन के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घुटने से दम घुटना बताया गया।
मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि शनिवार दोपहर संजीव यह कहकर घर से निकला था कि वह शहर में अपनी एक महिला मित्र से मिलने जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों की सूचना के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। शुरुआती जांच में संजीव की महिला मित्र सोनिया पर पुलिस को शक हुआ।
पुलिस ने सोनिया को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। सोनिया ने बताया कि उसकी ससुराल हरसोली गांव में है और उसका प्रेम संबंध सादिक नाम के युवक से चल रहा था। सादिक गोवा में सिलाई का काम करता था और बीच-बीच में गांव आता-जाता रहता था। वहीं, सोनिया ने यह भी स्वीकार किया कि शादी से पहले उसका संजीव उर्फ जीवन के साथ करीब 12 साल पुराना प्रेम संबंध था।
जब सादिक को सोनिया और संजीव के पुराने रिश्ते की जानकारी हुई, तो दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा। इसी तनाव और डर के चलते सोनिया और सादिक ने मिलकर संजीव को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। योजना के तहत शनिवार शाम सोनिया ने संजीव को अपने किराए के मकान पर बुलाया। उस समय सादिक पहले से ही वहां छिपा हुआ था। जैसे ही संजीव मकान में दाखिल हुआ, दोनों ने मिलकर रस्सी से उसका गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को कंबल में लपेटा और पास के नाले में फेंक दिया, ताकि पहचान न हो सके और मामला किसी और दिशा में चला जाए। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई के चलते उनकी साजिश ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी।
एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 1 फरवरी 2026 को शव मिलने के बाद विशेष टीमें गठित की गई थीं। एसपी सिटी के पर्यवेक्षण में सीओ मंडी राजू साव और इंस्पेक्टर बृजेश शर्मा की टीम ने जांच को अंजाम दिया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी भी बरामद कर ली गई है।
फिलहाल दोनों आरोपियों को बीएनएस की धारा 102 के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि जब रिश्तों में भरोसा टूटता है और भावनाओं पर लालच व डर हावी हो जाता है, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।












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