पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर आतंकवाद की चपेट में आ गई है। शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के दौरान एक शिया मस्जिद के बाहर हुए भीषण धमाके में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 170 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाके के बाद पूरे शहर में दहशत का माहौल है।
नमाज़ के वक्त किया गया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में लोग जुमे की नमाज़ अदा कर मस्जिद से बाहर निकल रहे थे। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग धमाके की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों से भरे अस्पताल
घटना के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी गई है और डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
राजधानी में इमरजेंसी लागू
हमले की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
आतंकी हमले की आशंका
प्रारंभिक जांच में इसे आतंकी हमला माना जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि धमाका आत्मघाती था या फिर पहले से लगाए गए विस्फोटक के जरिए किया गया।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान सरकार ने हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों को जल्द पकड़ने का दावा किया है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
शिया समुदाय में शोक
इस हमले के बाद शिया समुदाय में गहरा शोक और आक्रोश है। धार्मिक नेताओं ने शांति बनाए रखने की अपील की है, वहीं लोगों ने बार-बार हो रहे ऐसे हमलों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।











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