एक दिन पहले इसी इलाके में नक्सलियों के IED विस्फोट में सुरक्षाबलों के घायल होने के बाद हुआ विशेष ध्वजारोहण
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित नक्सल प्रभावित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के मौके पर आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। यह समारोह दक्षिण बस्तर के दुर्गम इलाके में सुरक्षा बलों के दृढ़ प्रयास और लोकतंत्र की वापसी का प्रतीक बन गया है।
घटना की पृष्ठभूमि:
सोमवार को गणतंत्र दिवस के समारोह से एक दिन पहले इसी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के एक ऑपरेशन के दौरान IED विस्फोट में कई जवानों के घायल होने की भी सूचना मिली थी, जिससे इस क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों का पता चलता है।
ध्वजारोहण समारोह ताड़पाला कैंप में सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन तथा कोबरा की 204वीं बटालियन के जवानों द्वारा मनाया गया, जहाँ पहले कभी सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो पाया था।
इस ऐतिहासिक कदम को नक्सल प्रभावित इलाकों में शासन का विस्तार और शांति की दिशा में बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ दशकों से हथियारबंद समूहों का दबदबा रहा है।















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