इंडोनेशिया के वेस्ट जावा में भीषण भूस्खलन-फ्लैश फ्लड: मरने वालों की संख्या बढ़ी, दर्जनों घर धराशायी, खोज-बचाव जारी

जकार्ता / वेस्ट जावा:
इंडोनेशिया के वेस्ट जावा प्रांत में भारी वर्षा के कारण आए भूस्खलन और फ्लैश फ्लड (तुरंत आई बाढ़) ने पुरे इलाके में तबाही मचा दी है। स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के मुताबिक प्रारंभिक तौर पर कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं और खोज-बचाव कार्य जारी है

यह प्राकृतिक आपदा 24 जनवरी 2026 की प्रातःकालीन भारी बारिश के बाद हुई, जब माउंट बुरंगरांग की ढलानों से मिट्टी और कीचड़ अचानक नीचे खिसक गया और पसिरलांगु गाँव को अपने चपेट में ले लिया। इससे 30 से अधिक घर पूरी तरह दफन हो गए और बड़ी संख्या में लोग फंस गए।

आगे की जांच में कुछ रिपोर्टों में 17 लोगों के मारे जाने की पुष्टि भी हुई है और 70 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें से कई के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। कई लोगों का कहना है कि उन्हें अभी तक ड्रोन और रेस्क्यू टीमों से भी पता नहीं चला है कि क्या उनके रिश्तेदार सुरक्षित हैं।

इसके अलावा स्थानीय मीडिया और एजेंसियों ने बताया है कि 80 से अधिक लोग अभी भी खोज के दायरे में हैं, और बचाव दल को सीमित भारी मशीनरी और खतरे वाले इलाके की वजह से कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी (Basarnas) और स्थानीय आपदा प्रबंधन संगठनों ने हजारों रेस्क्यू कर्मियों को बचाव कार्यों में लगाया है, जिसमें ड्रोन, कुत्ते, पुलिस और मिलिट्री बल को भी शामिल किया गया है। भारी मिट्टी के ढेर और अस्थिर भूमि के कारण बचाव कार्य धीमी गति से चल रहा है।

इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन ने करीब 650 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है, जहाँ उन्हें राहत सामग्री, खाने-पीने की वस्तुएँ और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि वेस्ट जावा में अगले सप्ताह भी तेज बारिश की संभावनाएँ हैं, जिससे निकट भविष्य में और भूस्खलनों या फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। यह क्षेत्र आमतौर पर मॉनसून के दौरान अक्टूबर से अप्रैल तक भारी वर्षा का सामना करता है, जिससे ऐसे आपदाओं की संभावना अधिक रहती है।

आबादी वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अक्सर भूस्खलन-प्रवण ढलानों और कमजोर मिट्टी के जोखिम का सामना करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भूमि का कटाव, वन कटाई, और अपर्याप्त ड्रेनज व्यवस्था जैसी पर्यावरणीय चिंताओं को नहीं सुधारा गया, तो ऐसे प्राकृतिक आपदाएँ और भी प्रभावी बन सकती हैं।

इंडोनेशिया के वेस्ट जावा में घटित यह भूस्खलन-फ्लैश फ्लड एक गंभीर प्राकृतिक आपदा है, जिसमें बहुत से लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। बचाव-कार्य जारी है, लेकिन भारी वर्षा और कठिन इलाके के कारण राहत कार्य मुश्किल से आगे बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू दल 24×7 खोज और बचाव के लिए तैनात हैं और पूरे प्रांत में हिसाब-किताब बना कर राहत सामग्री भेजी जा रही है

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