मुंबई/पुणे: दिवंगत राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बाद आज सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर रही हैं। यह निर्णय एनसीपी (Nationalist Congress Party) ने पार्टी की आकस्मिक बैठक में लिया, जिसमें सुनेत्रा को उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया गया है।
सुनेत्रा पवार, जो वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं, आज शनिवार शाम 5 बजे मुंबई के राजभवन में शपथ ग्रहण करेंगी। वह आगे आबकारी और खेल मंत्रालय जैसे विभागों को संभाल सकती हैं, जबकि वित्त और योजना विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेंगे, क्योंकि बजट सत्र नजदीक है।
इस शपथ ग्रहण का निर्णय पार्टी के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, ताकि अजित पवार की अचानक मृत्यु के बाद शासन में स्थिरता बरकरार रखी जा सके और आगामी चुनावी मुकाबलों के बीच पार्टी एकजुट दिख सके।
हालाँकि सुनेत्रा पवार की नियुक्ति को कुछ नेताओं ने स्वागत किया है, लेकिन पवार परिवार और एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं। एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि उन्हें इस निर्णय के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी, और यह कदम पार्टी के भीतर और परिवार में विभिन्न प्रतिक्रियाओं को जन्म दे रहा है।
कुछ सूत्रों का कहना है कि सुनेत्रा पवार बारामती में परिवार से चर्चा किए बिना मुंबई रवाना हुईं, जिससे पारिवारिक गुटों में खिंचाव देखा गया है।संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के तहत, कोई भी व्यक्ति विधानसभा या परिषद का सदस्य न होने पर भी मंत्री (या उपमुख्यमंत्री) बनाया जा सकता है, बशर्ते वह 6 महीनों के भीतर विधायक या विधान परिषद सदस्य बन जाए। सुनेत्रा पवार इस शर्त के तहत नियुक्त हो रही हैं और उन्हें भी इसका पालन करना होगा।सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की राजनीति में कम समय से सक्रिय हैं। उन्होंने 2024 में बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा था, जो उन्हें हार का सामना करना पड़ा। फिर उन्हें राज्यसभा भेजा गया। आज की शपथ के साथ वे एनसीपी के वरिष्ठ नेतृत्व में शामिल हो जाएँगी और पार्टी की अगुवाई का नया अध्याय शुरू होगा।
राज्य में सत्ता समीकरण और महायुति गठबंधन के सहयोग से यह निर्णय लिया गया है, और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एनसीपी के फैसले का समर्थन करने की बात कही है।सुनेत्रा पवार की उपमुख्यमंत्री बनना सिर्फ एनसीपी के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक बड़ा क्षण माना जा रहा है, क्योंकि यह पहला मौका है जब एक महिला इस पद पर बैठने जा रही है। इसके साथ ही यह कदम अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने के रूप में भी देखा जा रहा है।















Leave a Reply